Desi xxx chudai ki sex story

Hindi xxx desi sex kahani,Desi xxx chudai,chudai,xxx kahani,xxx story,chudai ki story,chudai kahani,hindi sex kahani,hindi adult story,hindi sex story,bhai behan ki sex story,baap beti ki sex story,devar bhabhi ki sex story,maa bete ki sex stoy with xxx photo,indian xxx kahani,xxx chudai kahani hindi,hindi me chudai ki kahani,hindi me sex kahani,xxx story hindi

प्यासी दीदी की चुदाई कहानियाँ

भाई बहन की चुदाई कहानी – Hindi chudai kahani, भाई बहन की कामसूत्र chudai ki story, दीदी की चुदाई कहानी, Didi ki chudai story,बहन की चुदाई,Sex story hindi,दीदी की बुर चुदाई कहानी,Desi xxx hindi kahani,दीदी की नंगी बुर और मेरा खड़ा लंड,Kamukta xxx hindi sex kahani,बड़ी दीदी की चुदाई,Antarvasna xxx chudai stories,Sister fuck hindi sex story,Kamukta Sex Story,Noveg xxx Story,

दीदी और मैंने करीब दो महीने तक सेक्स किया और कुछ टाईम के लिए दीदी को अपनी पढ़ाई के लिए हॉस्टल में जाकर रहना पड़ा.. लेकिन जब दीदी घर आती तो में पल्लवी दीदी की चूत और गांड दोनों मारता हूँ और हम दोनों अपनी सेक्स लाईफ से बहुत खुश थे। फिर दीदी की पढ़ाई पूरी होने के बाद हमारे घर वालों ने उनकी शादी करने का फेसला लिया और जल्दी ही हमे एक बहुत अच्छा घर मिल भी गया और कुछ समय के बाद दीदी की शादी हो गई। फिर दीदी की शादी के कुछ दिन बाद जब दीदी रहने के लिए यहाँ पर आई तब मैंने रात को दीदी से उनकी सुहागरात के बारे में पूछा और दीदी ने मुझे अपनी सुहागरात की पूरी कहानी बताई।
तो उन्होंने मुझे बताया कि जीजू से भी वो बहुत संतुष्ट हैं और जीजू भी बिल्कुल मेरी तरह ही दीदी की चोदते हैं और दीदी ने बताया कि मेरे जीजू का लंड मेरे लंड से एक इंच बड़ा है और मोटा भी है। तो दीदी की यह सब बातें सुनते सुनते मेरा लंड खड़ा हो गया और दीदी ने मेरा अंडरवियर देखकर कहा कि राहुल अब इंतजार क्यों कर रहा है? कितने दिन से में तेरा लंड लेने के लिए तड़प रही हूँ और तू आज अपनी दीदी को फिर से वैसे ही चोद जैसे कई बार पहले चोदा था। तो मैंने कहा कि दीदी मैंने कब मना किया है यह देखो ना मेरा लंड तो कब से तनकर खड़ा है और जीजू की चुदाई की बातें सुनकर यह मुझे आपको चोदने के लिए कह रहा है। फिर दीदी ने मेरे अंडरवियर के ऊपर से ही मेरा लंड सहलाना शुरू किया और में दीदी के बूब्स सहलाने लगा.. दीदी बोली कि राहुल तेरा लंड आज मुझे छोटा लग रहा है.. लेकिन चुदाई का जो मज़ा तू मुझे देता है तेरे जीजू नहीं देते। तो मैंने कहा कि वो कैसे?ये सेक्स कहानी,क्सक्सक्स चुदाई की स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तो दीदी ने बताया कि में तेरे जीजू का लंड नहीं चूसती और ना ही वो मेरी चूत चाटते.. वो बस मेरे बूब्स सक करते हैं और अपना लंड मेरी चूत में डाल देते हैं और ना ही मैंने उनका लंड अपनी गांड में लिया.. लेकिन में उन्हें ऐसा करने को बोलूं तो जाने वो मेरे बारे क्या समझेंगे? लेकिन आज रात मुझे तू वो पहले जैसा मज़ा दे ताकि में अपनी सेक्स लाईफ से पूरी तरह संतुष्ट रहूँ और फिर दीदी ने मेरी अंडरवियर में हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया। तो मैंने कहा कि दीदी इसे पूरी उतार दो ना.. फिर आराम से पकड़ लेना और तब दीदी ने मेरी अंडरवियर उतारी और मुझे नंगा कर दिया और मैंने दीदी की टी-शर्ट उतारी। दीदी ने क्रीम कलर की ब्रा पहनी हुई थी। तो में दीदी के 36 साईज़ के बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा और उनको किस करने लगा और मेरा लंड दीदी के लोवर के ऊपर से चूत को छू रहा था। फिर दीदी ने अपना एक हाथ आगे बड़ाकर मेरा लंड पकड़ा और चूत पर रगड़ने लगी। तो मैंने दीदी की पीठ के नीचे हाथ डाला और ब्रा की हुक को खोल दिया और दीदी के बूब्स को आज़ाद कर दिया.. लेकिन दीदी की भूरी निप्पल को देखकर तो कोई भी पागल हो जाता है और मैंने दीदी के बूब्स हाथ में लिए और निचोड़ने लगा और दीदी की एक निप्पल को मुहं में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से दबातें हुए चूसने लगा। तभी दीदी बोली कि प्लीज़ भाई आराम से कर मुझे बहुत दर्द होता है

तो मैंने कहा कि दीदी आज मुझे मत रोको प्लीज़.. में कितने दिन से रुका हूँ आपको चोदे बिना मेरा लंड नहीं रह सकता। मुझे आज आपके जिस्म से पूरा मज़ा लेना है और फिर निप्पल को अपने दातों से काटने लगा। तो दीदी आहह उह्ह्ह राहुल मेरे भाई अह्ह्ह करते हुए बोली कि ओह भाई कर ले जो करना है.. तेरे लिए में सब दर्द सह लूँगी और मुझे जल्दी से नंगा कर दे आहह उह्ह्ह। दोस्तों मैंने दीदी के निप्पल को बहुत देर तक ज़ोर से सक किया और थोड़ा नीचे होकर दीदी के पेट पर अपनी नुकीली जीभ फेरने लगा और मेरे ऐसा करने से दीदी का पेट काँपने लगा और में दीदी की नाभि के आस पास अपनी जीभ घुमाता रहा। तो दीदी पूरी मस्ती में आ चुकी थी और मेरे बालों में हाथ फेरते हुए आअहह भाई आअहह कितना मज़ा देता है.. आअहह अब जल्दी से मुझे नंगी कर दे मुझसे और सहन नहीं होता और दीदी अब बहुत ज़ोर ज़ोर से अपने बूब्स को मसलने लगी। फिर में थोड़ा और नीचे हुआ और दीदी का लोवर उतारने लगा.. में जैसे जैसे दीदी का लोवर उतार रहा था वैसे वैसे में अपनी जीभ फेर रहा था और दीदी ने अपनी चूत को बिल्कुल साफ किया था। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।ये सेक्स कहानी,क्सक्सक्स चुदाई की स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।में दीदी की चूत के ऊपर जीभ घुमाता रहा और जीभ घुमाते घुमाते मैंने दीदी के लोवर को उनके घुटनो तक कर दिया था.. तब दीदी ने खुद अपने पैरों से लोवर को उतार दिया। तो मैंने पूछा कि दीदी आपने पेंटी क्यों नहीं पहनी? तो वो बोली कि मुझे तेरा लंड अपनी चूत में लेने की बड़ी जल्दी है इसलिए और अगर में पेंटी पहन लेती तो तुम उसे उतारने में और भी टाईम खराब करते। तो मैंने दीदी के दोनों पैरों को खोल दिया और दीदी की चूत के होंठो पर अपनी उंगली फेरने लगा और बोला कि दीदी जीजू ने आपकी चूत को खोल दिया है देखो यह पहले से कितनी खुल गई है ना। तो दीदी बोली कि हाँ भाई तेरे जीजू का लंड तुझसे मोटा जो है और अब ज्यादा बातें मत कर जल्दी से चाट मेरी चूत को.. कितने दिन से तेरी बहन की चूत जीभ से चटवाने को तरस रही है और दीदी के इतना कहते ही मैंने जीभ को दीदी की चूत के होंठ पर लगा दिया और ऊपर से नीचे घुमाने लगा।

तो दीदी मेरे बालों में हाथ घुमाते हुए बोली कि आअहह भैया आहह राहुल मेरे भाई मेरी चूत में जीभ डाल दे अपनी ऊओह मुझे और मत तडपा आअहह.. तेरी बहन की चूत की खुजली तो तेरी जीभ से ही ख़त्म होती है अह्ह्ह अब डाल दे और मैंने दीदी की चूत की पंखुड़ियों को अपनी उंगलियों से फैलाया और जीभ को चूत में डाल दिया और फिर दीदी पूरी तड़प उठी और आअहह ऊऊहह आअहह भाई आअहह और अंदर डाल आआहह बड़ा मज़ा आ रहा है.. तो में दीदी की चूत में अपनी जीभ हिलाने लगा और मैंने दीदी की चूत के फुदकते हुए दाने को अपने मुहं में ले लिया और एक उंगली चूत में डालकर अंदर बाहर करने लगा। दीदी की चूत पूरी गीली हो चुकी थी और में जितनी देर में दीदी की चूत का पानी चाटता उनकी चूत और पानी छोड़ देती और दीदी अपने बूब्स को पूरे जोश से मसलते हुए अपनी गांड को उठाकर चूत को मेरे मुहं पर दबाने लगी थी। तो में भी चूत में उंगली डाल डालकर चूत चोद रहा था दीदी आअहह ऊऊहह किए जा रही थी और शायद दीदी अब झड़ने वाली थी.. लेकिन में दीदी की चूत को लगातार चाटता रहा और मेरी पूरी जीभ दीदी की चूत में थी और मेरे होंठ दीदी की चूत के होंठ से मिले थे। फिर दीदी ने मेरे सर पर हाथ रखा और आहह उईई भाई में झड़ने वाली हूँ आअहह उह्ह्ह कहते हुए मेरे मुहं को चूत पर दबाने लगी और में भी पूरी तेज़ी से दीदी की चूत को चूसता रहा और दीदी की चूत का पानी मुझे बहुत टेस्टी लगता है इसलिए में भी जल्दी में था कि दीदी कब झड़े।ये सेक्स कहानी,क्सक्सक्स चुदाई की स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तभी दीदी आहह उह्ह्ह की जोरदार आवाज़ से साथ झड़ने लगी और अपनी गांड को उठाकर मेरे मुहं पर अपनी चूत को दबाने लगी और में दीदी की चूत का पानी पीता रहा और दीदी आअहह ऑश आहह करते हुए एकदम से ढीली पड़ गई और निढाल सी लेटी रही.. लेकिन में फिर भी दीदी की चूत का पानी चाटता रहा। फिर दीदी की चूत को मैंने चाट चाटकर पूरा साफ कर दिया और ऊपर होकर दीदी के पास लेट गया और दीदी से बोला कि कैसा लगा दीदी? तो वो कुछ नहीं बोली और में दीदी के बूब्स को फिर से चूसने लगा और दीदी का एक हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया और ऊपर नीचे करने लगा। तो दीदी ने कहा कि भाई बस दो मिनट रुक जा में अभी सब करती हूँ और मुझे भी तो तेरा वीर्य पीना है और मैंने उनका हाथ छोड़ दिया और बूब्स को धीरे धीरे मसलते हुए सक करने लगा। फिर मैंने एक हाथ को आगे की तरफ बढ़ाकर दीदी की चूत पर रख दिया और सहलाने लगा और मैंने महसूस किया कि दीदी की चूत अंदर से एकदम गीली थी.. तो मैंने अपनी एक उंगली चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा और दीदी के साथ ऐसे करने से वो फिर से गरम होने लगी।

फिर वो कहने लगी कि अह्ह्ह आअहह भाई रुक भी जा ऊओह तू मेरी चूत में फिर से आग लगा रहा है.. चल अब मुझे तेरा लंड चूसना है और में खड़ा हो गया। तो दीदी उठी और घुटनों पर बैठ गई और मेरा लंड पकड़ कर अपने मुहं पर रगड़ने लगी। मेरा लंड तो कब से इसी इंतजार में खड़ा था और बहुत गीला भी हो गया था और फिर दीदी ने मेरे टोपे पर किस किया और जीभ घुमाने लगी तो में दीदी की आखों में देख रहा था दीदी मेरे टोपे को चूसने लगी। मैंने दीदी का चेहरा अपने हाथों में ले लिया और उनके मुहं में लंड डालने लगा.. दीदी धीरे धीरे मेरे लंड को सक करने लगी। मुझे अब पूरी मस्ती चड़ गई और में जोश में आकर दीदी का मुहं चोदने लगा और मेरे मुहं से आअहह दीदीई ऊऊहह जैसी आवाज़े निकलने लगी। फिर मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर दीदी के मुहं में अपना पूरा लंड डाल दिया और 10 सेकेंड ऐसे ही रखा और मैंने देखा कि दीदी की आँखो में पानी आ गया और जब मैंने लंड मुहं से बाहर निकाला तो दीदी खांसने लगी और मेरा लंड पूरा चमक गया था।ये सेक्स कहानी,क्सक्सक्स चुदाई की स्टोरी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।दीदी ने फिर से मेरा लंड मुहं में ले लिया और चूसते हुए खुद अपना मुहं चुदवाने लगी में आअहह ऊओह आआहह कर रहा था और में भी दीदी के बाल पकड़कर पूरे जोश से उनके मुहं को चोदने लगा। फिर दीदी का मुहं चोदते हुए मुझे बड़ा मज़ा रहा था और आअहह दीदी आअहह दीदी और तेज करो अहह में झड़ने वाला हूँ आअहह करते हुए में उनके मुहं में ही झड़ गया और मेरे लंड से ढेर सारा वीर्य निकला जिसे दीदी बड़े प्यार से पी गई और में बेड पर लेट गया। दीदी मेरा लंड चाट रही और उन्होंने तब तक चाटा जब तक लंड बैठ ना गया। उसके बाद दीदी मुझे बाहों में लेकर मेरे साथ लेट गई ।।कैसी लगी हम डॉनो भाई बहन की सेक्स स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी दीदी की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब ऐड करो Lund ki pyasi chudasi didi

The Author

चुदाई की सेक्स कहानियाँ

चुदाई की कहानियाँ, हिंदी सेक्स कहानी, चुदाई कहानी & हिंदी सेक्स स्टोरी, यौन कहानी, अन्तर्वासना की चुदाई कहानी, मस्तराम की सेक्स कहानी, कामसूत्र की हिंदी कहानी, चुदाई की देसी कहानी, देसी कामुकता कहानी, मस्तराम की हॉट कहानी, भाई बहन की सेक्स कहानियाँ, माँ बेटा की चुदाई कहानियाँ, देवर भाभी की यौन कहानी, जानवर के साथ औरत की सेक्स हिंदी कहानी, कुत्ते के साथ औरत की चुदाई हिंदी कहानी, लेस्बियन चुदाई कहानी, Hindi lesbian sex stories, लेस्बीयन लड़कियों की कहानियाँ, Samalingik lesbian Kamuk Kahani, समलैंगिक लेस्बियन सेक्स स्टोरीज,
Desi xxx chudai ki sex story © 2018 Frontier Theme